मुंबई
अयोध्या में विशाल राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले जमकर सियासत हो रही है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र अवध ने अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, उन्होंने अब माफी मांग ली है। आपको बता दें कि उन्हें एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार का करीबी माना जाता है। माफी मांगते हुए उन्होंने कहा है कि बिना रिसर्च किए नहीं बोलना चाहिए।
उन्होंने भगवान राम को मांसाहारी बताया था। एनसीपी नेता ने कहा था, "भगवान राम हम बहुजनों के हैं। वह जानवरों का शिकार करते थे और उसे खाते थे। वह एक बहुजन हैं। वे भगवान राम का उदाहरण देकर सभी को शाकाहारी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भगवान राम शाकाहारी नहीं थे, वह मांसाहारी थे।"
उन्होंने कहा, ''जो व्यक्ति 14 वर्षों तक जंगल में रहा हो वह शाकाहारी भोजन खोजने कहां जाएगा?" आव्हाड ने हिंदू महाकाव्य रामायण में भगवान राम द्वारा जंगलों में बिताए गए वर्षों का जिक्र करते हुए कहा।

More Stories
भारतीय रेल तेज, सुरक्षित और आधुनिक—आम आदमी की सवारी: रेल मंत्री
‘24 स्पीड पोस्ट’, ‘48 स्पीड पोस्ट’ तथा ‘24 स्पीड पोस्ट पार्सल’ सेवाओं का शुभारंभ
सरल सौम्य एवं मधुर स्वभाव के वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र मिश्रा को गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जयपुर में “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार–2026”