February 13, 2026

एम्स भोपाल में सेंट्रल इंडिया की पहली ट्रेकियल सिलिकॉन स्टेंटिंग सफल

भोपाल: 30 जुलाई 2025

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां प्राप्त कर रहा है। इसी क्रम में एम्स भोपाल ने सेंट्रल इंडिया में पहली बार पोस्ट इंटुबेशन ट्रेकियल स्टेनोसिस (PITS) के लिए सिलिकॉन स्टेंट प्लेसमेंट कर एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि उन्नत वायुमार्ग प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और संस्थान की पल्मोनरी एवं इंटरवेंशनल सेवाओं की बढ़ती विशेषज्ञता और क्षमताओं को दर्शाती है। यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से की गई, जिसके परिणामस्वरूप रोगी को उल्लेखनीय लक्षणात्मक राहत प्राप्त हुई। रोगी ने संस्थान एवं चिकित्सकीय टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। यह सफलता एम्स भोपाल की उच्च गुणवत्ता वाली, साक्ष्य-आधारित एवं रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जटिल प्रक्रिया पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा उसी विभाग के सहायक प्रोफेसर द्वारा अत्यंत दक्षता और सावधानीपूर्वक संपन्न की गई। यह मामला एम्स भोपाल में उपलब्ध समग्र और अत्याधुनिक श्वसन सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उपयुक्त अवसर भी प्रस्तुत करता है। इन सेवाओं में उन्नत इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी (ब्रोंकोस्कोपी, ईबीयूएस-टीबीएनए, रिगिड ब्रोंकोस्कोपी, स्टेंटिंग), थोरैसिक अल्ट्रासाउंड एवं प्लूरल इंटरवेंशंस, तथा जटिल वायुमार्ग रोग, इंटरस्टिशियल लंग डिज़ीज (आईएलडी), अस्थमा एवं फेफड़ों के कैंसर के लिए बहुविशेषज्ञीय देखभाल शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “यह उपलब्धि एम्स भोपाल की चिकित्सा उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रगति और सेंट्रल इंडिया के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सिलिकॉन स्टेंटिंग जैसी उन्नत प्रक्रियाओं के माध्यम से हम जटिल श्वसन समस्याओं के लिए समयबद्ध, प्रभावी और न्यूनतम इनवेसिव समाधान प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी टीम की यह सफलता मरीज-केंद्रित और तकनीक-संचालित देखभाल के प्रति हमारी निष्ठा को पुनः पुष्ट करती है।”

You may have missed