February 13, 2026

मानसून में बढ़ते संक्रमण से बचने के लिए विशेष सलाह

भोपाल: 01 अगस्त 2025

मानसून के मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है और इसी दृष्टिकोण के साथ एम्स भोपाल, कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, नागरिकों को जागरूक करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस मौसम में वातावरण में अत्यधिक नमी, गंदा पानी और मच्छरों की वृद्धि के कारण जलजनित और संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। डायरिया, टाइफाइड, हैजा, मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियां आमतौर पर इसी मौसम में तेजी से फैलती हैं। ऐसे में संस्थान ने नागरिकों से सतर्क रहने और कुछ बुनियादी सावधानियों को अपनाने की अपील की है। इस संबंध में प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “हम सभी को हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि डायरिया जैसी बीमारियों से बच्चों और परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। थोड़ी सी सतर्कता, समय पर सावधानी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही इस मौसम में बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।”

एम्स भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने बताया कि हाथों की स्वच्छता के लिए कुछ विशेष समयों पर हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है — जैसे शौचालय जाने के बाद, खाना बनाने या खाने से पहले, बच्चों का मल साफ करने के बाद, बच्चों को खाना खिलाने से पहले और कूड़ा या जानवरों को छूने के बाद। इसके अलावा, मानसून के दौरान साफ पानी का सेवन अत्यंत जरूरी है, इसलिए उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। यह डायरिया, टाइफाइड और अन्य पेट की बीमारियों से बचाव में मदद करता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें क्योंकि यह मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। कूलर, गमलों, टायरों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई अत्यंत आवश्यक है। बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार दें और अधिक भीड़-भाड़ वाले या संक्रमित क्षेत्रों से दूर रखें। गीले कपड़े पहनने से बचें और त्वचा को सूखा रखें क्योंकि नमी फंगल संक्रमण को बढ़ावा दे सकती है। घर पर बना ताजा और गर्म भोजन ही खाएं तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। यदि किसी को बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी, त्वचा पर चकत्ते या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और स्वयं इलाज करने से बचें।

You may have missed