भोपाल: 7 जनवरी 2026
एम्स भोपाल निरंतर अपने शैक्षणिक और चिकित्सीय कार्यों के माध्यम से नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। इसी क्रम में संस्थान के नेत्र रोग विभाग ने एक और महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि दर्ज की है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भावना शर्मा द्वारा संपादित संदर्भ पाठ्यपुस्तक “वायरल केराटाइटिस” का विमोचन किया गया। यह उनकी दूसरी पाठ्यपुस्तक है, जिससे विभाग ने अकादमिक क्षेत्र में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है।
वायरल केराटाइटिस आँख की कॉर्निया में होने वाला संक्रमण है, जो विभिन्न प्रकार के विषाणुओं के कारण होता है। इस रोग में आँखों में दर्द, लालिमा, पानी आना, रोशनी से परेशानी और धुंधला दिखना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह रोग दृष्टि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
यह पुस्तक स्प्रिंगर इंटरनेशनल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। इसमें कुल अट्ठाइस अध्याय सम्मिलित हैं, जिन्हें पाँच खंडों में सुव्यवस्थित किया गया है। पुस्तक के सह-संपादक पद्मश्री प्रो. जे. एस. तितियाल एवं प्रो. राधिका टंडन हैं, जो एम्स नई दिल्ली के आर. पी. केंद्र की प्रमुख हैं।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) भावना शर्मा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक वर्षों की सतत मेहनत, शोध और अकादमिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर को उनके निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने इस पुस्तक का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए इसे अपने उन सभी विद्यार्थियों को समर्पित किया, जो अपने शैक्षणिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उनसे प्रेरणा लेते हैं। यह पुस्तक स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, फेलोज़, नेत्र रोग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी सिद्ध होगी।

More Stories
सोम डिस्टलरीज का लायसेंस रद्द अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मप्र सरकार की बड़ी कार्यवाही
दाऊ अपने कान्हा से कह दो पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे – डॉ अरुण सक्सेना
मुरैना की हाइवे डकैती हो या खंडवा का सराफा व्यापारी से लूटमार मप्र पुलिस के होते अपराधी बच नहीं सकते