रायपुर
लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंतर्कलह कम नहीं हो रही है। कांग्रेस पार्टी फंड में सेंध लगाने वाले आरोप के बाद अब कांग्रेसी नेता और पूर्व महामंत्री अरुण सिसोदिया ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरा है। सिसोदिया ने स्लीपर सेल वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेता सिसोदिया ने प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले सिसोदिया ने कांग्रेस के पार्टी फंड में 5.89 करोड़ रुपये गड़बड़ी का आरोप लगाकर पार्टी में हलचल मचा दी है।
दुर्ग एसपी को चिठ्ठी लिखकर मांगी सुरक्षा
कांग्रेस पार्टी फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले सिसोदिया ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। अरुण सिंह सिसोदिया ने दुर्ग एसपी को चिठ्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी फंड में सेंध लगाने वाले बड़े नेताओं के खिलाफ मैंने पार्टी को चिठ्ठी लिखी है। साथ ही बयान भी दिया है। ऐसी स्थिति में मुझे व मेरे परिवार को जान-माल का खतरा है। इसलिए 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सिसोदिया के पत्र के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे कहा गया था कि उनकी हरकतों से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। तीन दिन के भीतर उनसे जवाब मांगा गया था। जवाब नहीं आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सिसोदिया ने बताया कि कांग्रेस को भेजे गए जवाब उन्होंने अपनी बात पर अडिग होना बताया है साथ ही जवाब में यह भी लिखा है कि पार्टी फंड के दुरुपयोगी की जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि सिसोदिया ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के बेटे की कंपनी टेसू मीडिया लैब गाजियाबाद को 5 करोड़ 89 लाख रुपये नियम विरुद्ध देने का आरोप लगाया है। यह रुपये तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रभारी महामंत्री की जानकारी के बिना भुगतान किया गया।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय