रायपुर.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई अटकाने वाली बयान पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने पलटवार किया है। उन्होंने भूपेश बघेल पर हमला बोला है। प्रवक्ता गुप्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थोड़ा इंतजार कर लें, चिटफंड कंपनियों के नाम पर घोटाले की जांच भी होगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार पर मिथ्या आरोप लगाकर प्रलाप करते भूपेश बघेल की बेसब्री दरअसल उनके डर को सामने ला रही है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगते हुए कहा कि किसी काम को अटकाना, भटकाना और लटकाना कांग्रेस के डीएनए में है। भाजपा तो जो कहती है, वह करती है और जो कहा है, वह करके दिखाया भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की इसी दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से बघेल खौफजदा हैं और अनर्गल प्रलाप करके अपने बचाव की पतली गली तलाश रहे हैं। केदार गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेसियों को हर जगह चंदाखोरी, कमीशनखोरी ही नजर आती है। पर बघेल की ये तमाम कोशिशें नाकामयाब होगी।
गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का सुशासन है। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि अभी तो बघेल सरकार के कार्यकाल का कोयला फंड घोटाला, चावल घोटाला, शराब घोटाला, पीएससी भर्ती घोटाला समेत तमाम घोटालों की जांच हो रही है और अपराधी सींखचों के पीछे जा रहे हैं। बघेल यह बात गाँठ बांध लें कि नंबर तो सबका आएगा ही आएगा।
प्रवक्ता केदार ने कहा कि अब चिटफंड कंपनियों का भी नंबर आने वाला है। भाजपा के सुशासन और कानून के राज में कोई भी अपराधी बचेगा नहीं। भाजपा की सरकार पर लुटेरों की पार्टनर होने की झूठी तोहमत लगाकर बघेल अपने शासनकाल में हुई खुली लूट के कलंक को लाख जतन करके भी धो नहीं पाएंगे। जिन-जिन लोगों ने जनता की गाढ़ी कमाई और प्रदेश के सरकारी खजाने की लूट में अपने-अपने हाथ साफ करने का शर्मनाक कृत्य किया है, उन सबसे वसूली भी होगी और उन्हें अपने कृत्यों की सजा भी भोगनी होगी, फिर चाहे वह कोई भी हो।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय