नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 24 साल पहले दिल्ली के लाल किले पर हमले की साजिश रचने के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक की दया याचिका खारिज कर दी है। नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी और उसे मौत की खबर सुनाई गई थी।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने राष्ट्रपति सचिवालय के 29 मई के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि 15 मई को उनको आरिफ की दया याचिका मिली थी। इसे 27 मई को खारिज कर दिया गया।
जानकारी के लिए बता दें कि 22 दिसंबर 2000 को लाल किले पर हमला हुआ था। इस दौरान किले के अंदर तैनात 7 राजपूताना राइफल्स यूनिट के तीन सैन्यकर्मी मारे गए थे। हमले के 4 दिन बाद मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। आरिफ एक पाकिस्तानी नागरिक है और आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का मेंबर है।

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