रायपुर
3 दिसंबर को परिणाम का इंतजार तो है लेकिन इससे पहले जीत हार को लेकर कई तरह के कयास भी लग रहे हैं। पार्टी के छोटे बड़े नेता दावा कर रहे हैं कि जीत तय है चाहे वे कांगे्रस के हो या भाजपा के लेकिन इस बात पर जाकर ठिठक जा रहे हैं कि कितनी सीट पा रहे हैं और कितनी सीट पर गच्चा खा रहे हैं। कुछ सीटों पर बागी प्रत्याशी समीकरण बिगाड़ रहे हैं यह भी सौ फीसदी सच है। जिन्हे कमतर आंकना पार्टी की भूल होगी इसलिए भीतरखाने यहां से चुनाव लडऩे वाले भी कहीं न कहीं घबराये हुए हैं कि कहीं जीत छिन न जाए? इसके लिए इंतजार करना होगा परिणाम आने के दिन तक, तब तक कयास लगने दीजिए। यह भी जान लें कि किन सीटों पर ऐसे बागी थे जो समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
कांग्रेस के बागी–जशपुर विधानसभा सीट से प्रदीप खेस कांग्रेस प्रत्याशी विनय भगत के खिलाफ, सक्ती विधानसभा अनुभव तिवारी प्रत्याशी डा. चरणदास महंत के खिलाफ, जैजैपुर से टेकचंद्र चंद्रा प्रत्याशी बालेश्वर साहू के खिलाफ, पामगढ़ से गोरेलाल बर्मन शेषराज हरबंश के खिलाफ, पाली-तानाखार से छत्रपाल सिंह दुलेश्वरी सिदार के खिलाफ, लोरमी से सागर सिंह बैस थानेश्वर साहू के खिलाफ, मुंगेली से रूपलाल कोसरे संजीत बनर्जी के खिलाफ, सरायपाली से विधायक किस्मतलाल नंद चातूरी नंद के खिलाफ, रायपुर उत्तर से अजीत कुकरेजा कुलदीप जुनेजा के खिलाफ, धमतरी से लोकेश्वरी साहू ओंकार साहू के खिलाफ, बालोद से मीना साहू संगीता सिन्हा के खिलाफ और कसडोल से गोरेलाल साहू संदीप साहू के खिलाफ चुनाव लड़ा है। कांग्रेस ने बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।
भाजपा के बागी–भटगांव विधानसभा सीट से राम बाई देवांगन भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ, जशपुर से शिव भगत रायमुनि भगत के खिलाफ, रायगढ़ से गोपिका गुप्ता ओपी चौधरी के खिलाफ, मस्तुरी से चांदनी भारद्वाज डा. कृष्णमूर्ति बांधी के खिलाफ, वैशालीनगर से जेपी यादव और संगीता केतन शाह दोनों प्रत्याशी रिकेश सेन के खिलाफ, गुंडरदेही से आरके राय वीरेंद्र साहू के खिलाफ, रायपुर उत्तर से सावित्री जगत पुरंदर मिश्रा के खिलाफ चुनाव लड़ा है।

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