बालोद.
डौंडी ब्लॉक के गांवों में एक के बाद एक आठ ग्रामीणों को घायल करने वाले पागल कुत्ते को आखिरकार ग्रामीणों ने मार गिराया है. आज सुबह कुत्ते ने एक महिला को काटा था, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पागल कुत्ते को खोजकर मार डाला. इस बीच कुत्ते के आतंक की सूचना मिलने पर जनपद सीईओ डीडी मांडले ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की. पागल कुत्ते ने बुधवार से वनांचल क्षेत्र में आतंक मचाया हुआ था. आमाडूला, किसनपुरी, चिहरो गांव में कुत्ते ने कल शाम तक एक के बाद एक सात लोगों पर हमला कर घायल किया था, जिनमें तीन मासूम भी शामिल हैं. घायलों का आमाडुला स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया जा रहा है. वहीं इनमें से एक 56 वर्षीय भागवत को उपचार के लिए धमतरी स्थित निजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया है. कुत्ता कल शाम को दिगवाड़ी गांव भाग गया था, जहां आज सुबह 45 वर्षीय महिला सोहद्री बाई को काट डाला. कुत्ते से मासूम बच्चों के साथ बड़ों के लिए भी खतरे को भांपते हुए ग्रामीणों ने मिलकर पागल कुत्ते की खोजबीन की. दिगवाड़ी गांव में कुत्ता नजर आते ही उसे घेरकर पत्थर और डंडे से मार डाला. कुत्ते के मरने के साथ ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. इस बीच कुत्ते के आतंक की सूचना मिलने पर जनपद सीईओ डीडी मांडले भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की.
आमाडुला में बनाया अधिक शिकार —
पागल कुत्ते के काटने से घायल हुए ग्रामीणों में सबसे ज्यादा आमाडुला के रहने वाले हैं. कुत्ते ने गांव के दो मासूम- 9 वर्षीय सेमुअल पिता जयंत कुमार और 8 साल की पाखी पिता किसुन ला के अलावा 45 वर्षीय हुकलाल, 57 वर्षीय आनंद, 60 वर्षीय मनोतिन बाई को काट दिया था. इनके अलावा किसनपुर में पांच वर्षीय वेदांत पिता सोहन लाल, दीघवाड़ी निवासी 45 वर्षीय सोहाद्री और चिहरो निवासी 56 वर्षीय भागवत को काट डाला था.

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