भोपाल: 8 फरवरी 2025
एम्स भोपाल ने भोपाल जिला के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के कार्यालय के सहयोग से नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (NSSK) पर कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल और सुरक्षा को बढ़ावा देना था। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जन्म के बाद के महत्वपूर्ण ‘स्वर्णिम घंटे’ के दौरान नवजात शिशु मामलों का प्रबंधन करने में नर्सिंग अधिकारियों के कौशल को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “नवजात शिशु की देखभाल में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम करने के हमारे संकल्प का प्रतीक है। नर्सिंग अधिकारियों को उन्नत जीवनदान तकनीकों और ज्ञान से लैस करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर नवजात को जीवन के पहले क्षणों में उच्चतम स्तर की देखभाल मिले।” भोपाल जिला के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे स्वास्थ्य पेशेवर नवजात शिशु को आपातकाल में को प्रभावी रूप से संभाल पाएंगे।”
इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में आवश्यक नवजात शिशु देखभाल प्रथाएँ, बुनियादी जीवनदान तकनीकें, प्रसव के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों को संभालना, और नवजात सुरक्षा में आधुनिक प्रोटोकॉल जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह पहल मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम करने और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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