भोपाल: 21 फरवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और ब्लड बैंक विभाग ने 21 फरवरी 2025 को “ट्रांसफ्यूजन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन टेस्टिंग: बेसिक टू एडवांस” पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कम कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस सीएमई को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमें विभिन्न संस्थानों के 150 से अधिक चिकित्सा पेशेवरों ने भाग लिया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य ट्रांसफ्यूजन-ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (TTI) टेस्टिंग की मौलिक अवधारणाओं और उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकों को गहराई से समझाना था।
इस वर्कशॉप के महत्व को रेखांकित करते हुए, प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा: ” रक्त आधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वास्थ्य देखभाल का एक महत्वपूर्ण पहलू है, और ट्रांसफ्यूजन-ट्रांसमिटेड संक्रमणों की सटीक जांच जटिलताओं को रोकने के लिए आवश्यक है। यह सीएमई-कम-वर्कशॉप एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों को नवीनतम ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना है ताकि रक्त संक्रमण सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को बढ़ाया जा सके।” इस वर्कशॉप में एमजीएम मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, एम्स नागपुर और एम्स भोपाल जैसी प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रख्यात अतिथि वक्ता ने अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए। वैज्ञानिक सत्रों में टीटीआई टेस्टिंग में नवीनतम प्रगति पर चर्चा की गई, जबकि शाम के सत्र में ईएलआईएसए तकनीक और गुणवत्ता नियंत्रण उपायों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण प्रयोगशाला प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस सीएमई-कम-वर्कशॉप ने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, प्रयोगशाला डायग्नोस्टिक्स और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षण और प्रशिक्षण अवसर प्रदान किया, जिससे रोगी देखभाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार हुआ।

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