भोपाल: 21 मार्च 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पीडिएट्रिक ओपीडी में जागरूकता सत्र का आयोजन किया। डॉ. भावना ढींगरा के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य डाउन सिंड्रोम, इसकी चुनौतियों और प्रारंभिक हस्तक्षेप तथा समावेशी देखभाल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस कार्यक्रम में माता-पिता, देखभाल करने वाले और स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। संवादात्मक गतिविधियों और सूचनात्मक चर्चाओं के माध्यम से, सत्र में डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों के लिए सामुदायिक समर्थन और समावेशी शिक्षा के अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने एक अधिक समावेशी समाज बनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एम्स भोपाल में हम डाउन सिंड्रोम जैसी आनुवंशिक स्थितियों के बारे में व्यापक देखभाल प्रदान करने और जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे जागरूकता सत्र समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक सहायक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” कार्यक्रम के अंत में, एक “ओपन फोरम” का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उपस्थित दर्शकों को प्रश्न पूछने और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने का अवसर प्रदान करना था। एम्स भोपाल ने परामर्श, चिकित्सीय सहायता और जागरूकता पहल के माध्यम से बच्चों और उनके परिवारों के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता दोहराई।

More Stories
(लीड) समाज के रक्त में लोकतंत्र है, उसे दबाने की कोशिश करने वाला मिट्टी में मिल जाएगाः भैयाजी जोशी
सारंगपुर विधानसभा को मिली विकास की सौगात, 135.42 करोड़ों की लागत से होंगे निर्माण कार्य
सोम डिस्टलरीज का लायसेंस रद्द अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मप्र सरकार की बड़ी कार्यवाही