भोपाल: 9 मई 2025
एम्स भोपाल, राष्ट्रीय सेवा में अग्रणी संस्थान होने के नाते, भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के मद्देनज़र निरंतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय कदम उठा रहा है। संस्थान की ओर से 09 मई, 2025 को कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह द्वारा जारी तत्काल कार्यालय आदेश के माध्यम से सभी विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, अनुभाग प्रभारियों एवं अधिकारियों की पूर्ण उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता को अत्यावश्यक बताया गया है। एम्स भोपाल ने यह स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में, संस्थान की जवाबदेही और कर्तव्य और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। चिकित्सा सेवाओं और संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक दवाओं, सामग्रियों, उपभोग्य वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना सभी संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे आकस्मिक योजनाओं को लागू करें, बफर स्टॉक बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने हेतु समन्वित कार्यवाही करें।
संस्थान ने संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तत्परता बढ़ाने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल (आपदा अभ्यास) आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में एम्स भोपाल द्वारा जारी आदेशानुसार के तहत चिकित्सा अधीक्षक एवं उप चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे सभी महत्वपूर्ण विभागों एवं रोगी सेवा क्षेत्रों में इन अभ्यासों की योजना बनाएं, उनका समन्वयन करें एवं सफलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित करें। यह अभ्यास विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों का अनुकरण करेगा ताकि संस्थान की संचालन क्षमता, संसाधनों की त्वरित तैनाती, कार्मिकों का समन्वय एवं प्रणाली की मजबूती का आकलन किया जा सके। सभी विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग अधिकारियों एवं सहायक सेवाओं को इसमें पूर्ण सहयोग देने एवं सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यास की योजना, दायरा एवं निष्कर्षों को दस्तावेज रूप में प्रस्तुत कर समीक्षा हेतु साझा करना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त, संस्थान ने अपने सभी संकाय सदस्यों, अधिकारियों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं। यह निर्णय देशव्यापी परिस्थितियों की गंभीरता एवं संस्थान की आवश्यक सेवाओं की अनवरतता को सुनिश्चित करने की दृष्टि से लिया गया है। पहले से स्वीकृत या अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों को भी तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। एक संबंधित परामर्श में, एम्स भोपाल ने अपने संकाय सदस्यों से स्वयंसेवकों की मांग की है जो आवश्यक होने पर किसी अन्य शहर या आपात स्थल पर चिकित्सा दल के रूप में तैनात किए जा सकें। इच्छुक संकाय सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने विभागाध्यक्षों को नामांकन प्रस्तुत करें। विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे इन नामों को चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के साथ समन्वय कर अंतिम सूची तैयार करें। इसके साथ ही चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह विभाग और पद के अनुसार श्रेणीकृत स्वयंसेवकों की प्राथमिकता सूची तैयार कर उसे तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखें।
इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा: “राष्ट्र संकट के समय में हम सभी की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम पूरी निष्ठा से देश सेवा में समर्पित रहें। एम्स भोपाल, एक अग्रणी चिकित्सा संस्थान होने के नाते, प्रत्येक नागरिक के जीवन एवं स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु हर संभव प्रयास कर रहा है। हमारी टीम पूरी तरह से तैयार है और इस आपात स्थिति में हम संस्थागत संकल्प, अनुशासन और मानवता की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”

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