भोपाल: 18 अगस्त 2025
एम्स भोपाल ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने पहली बार किसी ट्रांसमैन की “टॉप सर्जरी” सफलतापूर्वक की है। यह उपलब्धि मध्य भारत में लैंगिक-पुष्टि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह शल्यक्रिया एम्स भोपाल के बहुविषयक चिकित्सक दल द्वारा की गई। इसमें इंफीरियर पेडिकल तकनीक का प्रयोग किया गया, जिसके अंतर्गत अतिरिक्त स्तन ऊतक को हटाते हुए निप्पल-एरियोला कॉम्प्लेक्स को सुरक्षित रखा गया। इस प्रक्रिया ने रोगी को न केवल चिकित्सकीय राहत दी बल्कि उसे अपनी वास्तविक पहचान को गरिमा के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया। इस सफलता के साथ एम्स भोपाल ने ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य सेवाओं के नए अध्याय की शुरुआत की है। आने वाले महीनों में यहां कई अन्य जेंडर-अफर्मेटिव सर्जरी, जिसमें टॉप और बॉटम सर्जरी शामिल हैं, की जानी निर्धारित हैं। यह पहल संस्थान की समावेशी, संवेदनशील और वैज्ञानिक रूप से उन्नत चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस प्रयास में सामुदायिक संगठनों का सहयोग भी शामिल रहा, जिन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के हित में चिकित्सा दल के साथ मिलकर जागरूकता और समग्र देखभाल सुनिश्चित करने में योगदान दिया। एम्स भोपाल के ट्रांसजेंडर हेल्थ क्लिनिक के नोडल अधिकारी ने कहा, “हमारे देश में ट्रांसमैन की आवश्यकताओं को अक्सर ट्रांसवूमन की तुलना में कम पहचाना जाता है। पूर्वाग्रह और सामाजिक कलंक आज भी बड़ी चुनौती हैं। हमें जागरूकता, अधिक शोध और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील चिकित्सकीय प्रोटोकॉल की आवश्यकता है, जिसमें जीवन के वास्तविक अनुभव रखने वाले लोगों की आवाज भी शामिल हो।” एम्स भोपाल का यह अग्रणी कदम न केवल ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए चिकित्सकीय सहयोग को मज़बूती देता है, बल्कि समाज में स्वीकृति और समावेशिता की दिशा में प्रेरणा भी प्रदान करता है।

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