February 12, 2026

एम्स भोपाल में कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रिया से भ्रूण चिकित्सा में नई दिशा

भोपाल: 09 जनवरी 2025

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, संस्थान ने एक बार फिर चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और स्वस्थ्य देखभाल के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। हाल ही में, एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में पहली कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई है। यह प्रक्रिया डॉ. मनुप्रिया माधवन, विजिटिंग फीटल मेडिसिन कंसल्टेंट द्वारा की गई। कोरियोनिक टिशू को जेनेटिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) एक प्रीनेटल टेस्ट है, जिसमें गर्भवती महिला के प्लेसेंटा (कोरियोनिक विलि) से एक छोटा नमूना लिया जाता है, ताकि भ्रूण में किसी संभावित आनुवंशिक विकार की पहचान की जा सके।

इस उपलब्धि पर बोलते हुए प्रो. सिंह ने कहा, “एम्स भोपाल में पहला सीवीएस सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे संस्थान में फीटल मेडिसिन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उपलब्धि हमारी उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के साथ व्यापक मातृ और भ्रूण देखभाल प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” इस अवसर पर कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) शशांक पुरवार और डॉ. के. पुष्पलता (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, प्रसूति और स्त्री रोग विभाग) ने टीम के समर्पण और प्रक्रिया की सफलता की सराहना करते हुए इसे संस्थान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

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