एम्स भोपाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिल रहा मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (छोटा चीरे द्वारा) का लाभ

भोपाल: 1 फरवरी 2025

एम्स भोपाल ने कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। हाल ही में, संस्थान ने सागर, मध्य प्रदेश के 32 वर्षीय मरीज की जटिल हृदय रोग का इलाज मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (छोटे चीरे द्वारा) से सफलतापूर्वक किया है। यह मरीज छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर एम्स भोपाल आया था। नियमित जाँचों के बाद, चिकित्सकों ने पाया कि उसके हृदय के एक वाल्व में गंभीर सिकुड़न (एओर्टिक स्टेनोसिस) है। सर्जिकल प्रबंधन के लिए मरीज को कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) वार्ड में भर्ती किया गया। कार्डियोथोरेसिक विभाग की सर्जिकल टीम ने नवीनतम तकनीक ‘हार्ट पोर्ट विधि’ द्वारा ऑपरेशन किया। हार्ट पोर्ट विधि में जटिल हृदय के ऑपरेशन को छाती में एक छोटे चीरे द्वारा किया जाता है। यह ऑपरेशन छाती की हड्डी काटे बिना किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य में जल्दी सुधार होता है। यह सर्जरी कॉस्मेटिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें छाती का घाव नहीं दिखता। एम्स भोपाल में यह उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया जा रहा है।

इस उपलब्धि के महत्व पर जोर देते हुए प्रो. सिंह ने कहा, “यह सफल सर्जरी एम्स भोपाल की मध्य प्रदेश के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आयुष्मान भारत योजना के तहत किए जाने वाले उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करते हैं कि सबसे जटिल उपचार भी जरूरतमंदों के लिए सुलभ और किफायती बने।” यह सर्जरी डॉ. योगेश निवारिया के नेतृत्व में की गई। सर्जिकल टीम में डॉ. एम. किशन, डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से इस उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और यह उनकी रुचि का भी विषय है। एनेस्थीसिया टीम से डॉ. नागभूषणम ने भी इस सर्जरी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।