February 12, 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शवदाह गृहों की दुर्दशा पर जताई चिंता, यूपी सरकार को ठोस कदम उठाने का दिया निर्देश

प्रयागराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के शवदाह गृह को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ट्रिलियन इकोनॉमी की बात करते हैं, लेकिन आम लोगों के शवदाह की सुविधाओं की किल्लत है। कोर्ट ने कहा कोविड के समय हमने भयावह दृश्य देखा है। जब शव दाह की समुचित व्यवस्था व सुविधाओं की भारी किल्लत थी, कोर्ट ने कहा आज भी शवदाह गृहों की स्थिति दयनीय है। शवदाह गृहों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
 
इतना ही नहीं कोर्ट ने कहा कि शवदाह गृहों में हर दिन जनसंख्या बढ़ रही है और शव दाह केंद्रों में बेसिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आम लोग जीवन-भर संघर्ष करते हैं। अंतिम सांस छोड़ने के बाद उनके शव दाह की बेसिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कोर्ट ने कहा हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बन गए हैं, लेकिन आम लोगों के शव दाह की समुचित व्यवस्था करने में नाकाम हैं। कोर्ट ने सरकार को शवदाह केंद्रों की दशा सुधारने के ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।
 
इस मामले में 18 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। बता दें कि कोर्ट ने याची राजेंद्र कुमार बाजपेई की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने महाधिवक्ता एम सी चतुर्वेदी को आदेश की जानकारी अपर मुख्य सचिव शहरी विकास विभाग व पंचायत राज विभाग सहित मुख्य सचिव को देने को कहा है। यह सुनवाई जस्टिस एम सी त्रिपाठी और जस्टिस प्रशांत कुमार की डिवीजन बेंच में हुई।

 

You may have missed