कैलाश के अथक प्रयासों से इंदौर बनेगा जल्द मेट्रोपॉलिटन सिटी : राकेश शर्मा

भोपाल: 26 मार्च 2025

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में एक अलग पहचान इंदौर शहर की है। देश में क्लीन सिटी के रूप में इंदौर की पहचान है। कैलाश विजयवर्गीय के अथक प्रयासों से अब ग्रीन सिटी के रूप में भी इंदौर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। स्वच्छता और हरियाली का अद्भुत संगम इंदौर में देखने को मिलता है। कैलाश विजयवर्गीय ने जो कहा बिल्कुल सही है। इंदौर सिर्फ एक शहर नहीं है, यह एक विचार है। एक संस्कृति जो स्वच्छता, अनुशासन और नवाचार का प्रतीक बन चुकी है। इंदौर की स्वच्छता की बात करते हैं तो यह सिर्फ कचरे के निष्पादन या सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है बल्कि यह इंदौर वासियों के संस्कारों एवं सोच का हिस्सा बन गई है। इंदौर वासियों ने स्वच्छता को अपनी आदत में शुमार कर लिया है।

इंदौर शहर ने स्वच्छता के साथ-साथ शहर में ग्रीनरी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाया है जिसके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। कैलाश विजयवर्गीय इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में जल्द से जल्द कैसे शामिल हो, इस पर लगातार विचार कर ठोस कदम उठा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है। इंदौर मेट्रो का विस्तार उज्जैन, देवास, धार, पीथमपुर, महू तक किए जाने का विचार उनके फैसले में शामिल है। साथ ही उज्जैन, देवास, धार, पीथमपुर एवं महू इन शहरों को भी बड़े शहर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इंदौर की गति बढ़ाने के लिए नए अंडरपास ग्रैंड सेपरेटर बनाने होंगे। शहर को डिसेंट्रलाइज करना होगा।

शहर का विकास द्रुतगति से करना होगा। नए बड़े कन्वेंशन सेंटर सहित अन्य जो भी आवश्यकता है, उसे सभी एजेंसियों को मिलकर एक साथ काम करना पड़ेगा। सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर इंदौर के विकास के लिए एकसाथ आना होगा। निश्चित रूप से कैलाश विजयवर्गीय के प्रयास जल्द मूर्त रूप में दिखाई देंगे और इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनेगा। कैलाश विजयवर्गीय के बारे में हर व्यक्ति जानता है कि वह अगर एक बार किसी बात के बारे में ठान लेते हैं तो उसे पूरा जरूर करते हैं।

इंदौर के महापौर के रूप में इंदौर को आज एक नई पहचान देने में कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा योगदान है। आज मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री के रूप में एक नई बड़ी लकीर कैलाश विजयवर्गीय ने खींची है। कहीं न कहीं इंदौर शहर को कैलाश विजयवर्गीय के रूप में एक सच्चा सेवक जनप्रतिनिधि मिला है जो अपने शहर से बेइंतहा प्यार करता है। उनके दिल में इंदौर शहर और वहां के वासी निवास करते हैं जो समय-समय पर उनकी भावनाओं में प्रकट होता है। आइए, हम सबको मिलकर इंदौर को देश के प्रमुख 10 शहरों में शामिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर वह सब प्रयास करना चाहिए जिससे यह सपना जल्दी से जल्दी सच हो।