मोहन सरकार की पहल का कांग्रेस को करना चाहिए स्वागत : राकेश शर्मा

भोपाल: 24 जनवरी 2025

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया कि पहले चरण में 19 नगरों व ग्रामों में जहां शराब की दुकान बंद की जाएंगी। इनमें 1 नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद, 6 ग्राम पंचायत हैं। धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक नगरों में सरकार शराब बंदी की पहल करने जा रही है। सरकार का यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। सरकार के इस निर्णय का कांग्रेस पार्टी को स्वागत करना चाहिए पर कांग्रेस का नेतृत्व कह रहा है कि पूरे प्रदेश में एक साथ शराब बंदी की जाना चाहिए। कांग्रेस के नेता उस कमलनाथ सरकार में शामिल थे जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि एक शराब की दुकान की उप दुकानें खोली जाएगी। महिलाओं के लिए अलग से शराब की दुकान खोली जाने की चर्चा की जा रही थी और उसे लागू करने पर विचार किया जा रहा था। उस समय कांग्रेस के नेताओं को प्रदेश की जनता की चिंता नहीं थी, न ही धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों की फिक्र थी। आज अगर मध्य प्रदेश के लाड़ले मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों में शराब बंदी की पहल की है तो इस निर्णय का मध्य प्रदेश की जनता भूरि-भूरि प्रशंसा कर रही है पर कांग्रेस के नेता रुदाली का रोल अदा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की जनता खुश हो रही है और कांग्रेस के नेता अपनी छाती पीटते नजर आ रहे हैं।

लगातार यह देखा जा रहा है कि हर सरकार राजस्व की चिंता करती हैं पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्व की चिंता न करते हुए प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों की चिंता की और यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपए की राजस्व की हानि होगी जिसकी चिंता डॉ. मोहन यादव ने नहीं की। इस तरह का जन हितैषी और कड़ा निर्णय कोई मजबूत नेता ही कर सकता है। डॉ. मोहन यादव ने यह निर्णय कर फिर सिद्ध कर दिया कि मध्य प्रदेश की जनता का हित उनकी पहली प्राथमिकता है और जनता जो चाहेगी वह निर्णय सरकार करेगी । 19 नगरों में शराब बंदी का निर्णय कर एक बड़ा फैसला मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने लिया है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद उनकी लोकप्रियता में बढ़ोत्तरी हुई है और चार चांद लग गए हैं।