रायपुर
छग में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका)तहत कार्रवाई की जायेगी। राज्य सरकार की ओर से जिला कलेक्टरों को आदेश का पत्र भेज दिया गया है। इसमें पुलिस को कभी भी गिरफ्तारी का अधिकार होगा, पकड़े गए आरोपी को एक साल तक का हिरासत में रखा जा सकता है और जमानत भी मुश्किल होगी। रासुका का प्रयोग 1 अप्रैल 2023 से 30 जून 2023 तक कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा अधिसूचना जारी करते हुए रासुका अधिनियम प्रभावशील कर दिया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 (1980 का.स. 65) की धारा-3 की उपधारा (3) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार एतद्द्वारा यह निर्देश देती है कि जिला दण्डाधिकारी, जिला रायपुर बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर दंतेवाडा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोण्डागांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ छुईखदान-गण्डई. सारंगढ़- बिलाईगढ, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी–भरतपुर(एम.सी.बी.) को यदि उक्त धारा की उपधारा (2) उपबंधित रूप से समाधान हो जाता है, तो उक्त धारा 3 की उप धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग, 01 अप्रैल, 2023 से 30 जून, 2023 तक की कालावधि के दौरान कर सकेंगे।

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