रायपुर
त्रिलोकी मां कालीबाड़ी समिति डॉ. राजेंद्र नगर द्वारा आज जगद्धात्री पूजा का आयोजन किया गया है। सुबह से जगद्धात्री पूजा प्रारंभ होगी, पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया जाएगा। समिति के सचिव श्री विवेक बर्धन ने बताया कि सर्वप्रथम इस पूजा का प्रारंभ सन 1750 में पश्चिम बंगाल के चंदन नगर के इंद्रनारायण चौधरी ने सबसे पहले अपने घर में जगद्धात्री पूजा की थी।
श्री बर्धन ने बताया कि हिन्दू धर्म में जगद्धात्री पूजा का नवरात्रि पूजा की तरह विशेष स्थान है। यह पूजा पश्चिम बंगाल और ओडिशा में खासकर की जाती है। ऐसा माना जाता है कि दुर्गा माता इस दिन धरती पर फिर से जगत की धात्री के तौर पर आती हैं। यह मां काली और दुर्गा के साथ ही सत्व रूप में है। इन्हें राजस एवं तमस का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार की शुरूआत रामकृष्ण मिशन के संस्थापक रामकृष्ण परमहंस की पत्नी ने की थी। उनकी पत्नी पुनर्जन्म में काफी विश्वास रखती थीं और उनका कहना था कि मां इस दिन फिर से धरती पर आकर दुष्टों का नाश कर के खुशियां देंगी।

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