February 11, 2026

विज्ञान भारती मेला 26 से 29 सितंबर भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के तत्वाधान में

भोपाल: 18 सितंबर 2025

विज्ञान भारती मेला बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के प्रांगण में भोपाल में 26 से 29 सितंबर 2025 तक आयोजित होगा। यह मेला विज्ञान भारती, मप्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नवीन तकनीक के बारे में जानकारी साझा करना और संवाद के माध्यम से भारतीय विज्ञान तकनीक को समाज के युवा को जाग्रत करना है। विश्व में आने वाली नई चुनौतियों के समाधान का अवसर भारतीय युवा कैसे खोजे इस पर भी इस मेले का उद्देश्य रखा गया है। महानिदेशक मप्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के डॉ.अनिल कोठारी, अध्यक्ष विज्ञान भारती मध्य भारत प्रान्त डॉ अमोघ गुप्ता और कुलगुरु बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय प्रो. एसके जैन ने संयुक्त रूप से ये जानकारी दी कि इस मेले के द्वारा युवाओं के नए आयाम जानने के मौका मिलेगा और युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित स्थान मिलेगा।

डॉ अनिल कोठारी ने बताया कि इसमें देश विदेश के बड़े बड़े प्रौद्योगिकी और तकनीकी संस्थान हिस्सा लेंगे और उन संस्थानों से आए हुए संस्था के प्रमुख/निदेशक/प्रतिनिधि(वैज्ञानिक) अपने ज्ञान को इस मेले में सम्मिलित हुए युवाओं से साझा करेंगे और उन्हें नई तकनीक विकसित करने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे। कुछ प्रमुख स्थानों में जैसे इसरो (ISRO), AICTE, AMPRI, IISER, MPPCB, NTPC, MOIL, BPCL, NCL,ACC, BIRLA WHITE, SUN PHARMA, LUPIN, PARLE AGRO, HEG, GRASIM के प्रमुख या प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।

कार्यशालाएं, व्याख्यान, और विशेष सत्र: 

1. नवाचार संगम – कृषि पर्यावरण से संबंधीत सामाजिक समस्याओं पर तकनिकी समाधान के नवाचार प्रादर्श इस प्रतियोगिता में आमंत्रित किए गये है, इसमें 315 पंजीकृत हुए है, लगभग 150 संचालन होंगे।

2. ज्ञान सेतु – विज्ञान शिक्षक कार्यशाला उपस्थित विज्ञान शिक्षकों को विज्ञान प्रयोग किट का वितरण

3. भारतीय ज्ञान परंपरा संगोष्ठी:– इस कार्यक्रम में विविध राष्ट्रीय एवं राज्य के शोध एवं शिक्षा संस्थानों में वैज्ञानिक प्राध्यापक 200 की संख्या में रहेंगे। इस गोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा – राष्ट्रीय प्रकोष्ठ के संयोजक श्री गंटी सूर्यनारायण मूर्ती (PROF IIT INDORE) का मार्गदर्शन रहेगा

4. सीधा संवाद – 300 छात्र प्रतिदिन वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर पाएंगे

5. स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक एवं विशेष प्रस्तुतियां होगी।

You may have missed