Oplus_0
भोपाल: 15 मई 2025
बुधवार दोपहर हाईकोर्ट जबलपुर के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की पीठ ने डीजीपी को मंत्री पर एफआईआर करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस अफसर सक्रिय हुए। मंत्री शाह ने इंदौर जिले के मानपुर में आपत्तिजनक बातें कहीं थी। इस कारण मूल प्रकरण यहां दर्ज किया गया है। उधर, कांग्रेस ने भी भोपाल में थाने में जाकर मंत्री शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए बयान में प्रथम दृष्टया मुस्लिम धर्म के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों के बीच वैमनस्य और दुश्मनी या घृणा या दुर्भावना की भावना पैदा करने की प्रवृत्ति है, जो उसी धर्म से संबंधित नहीं हैं। उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को निर्देश देता है कि वह मंत्री विजय शाह के खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत अपराधों के लिए तत्काल एफआईआर दर्ज करें। एजी कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि यह आदेश तत्काल राज्य के पुलिस महानिदेशक कार्यालय को प्रेषित किया जाए।
इंदौर के समीप मानपुर में आयोजित हलमा कार्यक्रम में मंत्री शाह ने कहा था कि जिन आतंकियों ने पहलगाम में लोगों को मारा, उनके कपड़े उतरवाए। उन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। प्रधानमंत्री ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई। मामला जब गरमाने लगा तो भाजपा संगठन ने मंत्री शाह को तलब किया। वे हवाई चप्पल में पार्टी के भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ नेतागणों की डांट खाने के बाद अपने बयान पर खेद प्रकरण करते नजर आए।

More Stories
सोम डिस्टलरीज का लायसेंस रद्द अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मप्र सरकार की बड़ी कार्यवाही
दाऊ अपने कान्हा से कह दो पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे – डॉ अरुण सक्सेना
मुरैना की हाइवे डकैती हो या खंडवा का सराफा व्यापारी से लूटमार मप्र पुलिस के होते अपराधी बच नहीं सकते