भोपाल: 5 फरवरी 2025
मप्र सरकार द्वारा नकली परमिट व अवैध शराब परिवहन केस में बड़ा एक्शन लिया गया है, प्रदेश की सबसे बड़ी शराब बनाने वाली कंपनी सोम डिस्टलरीज समूह के सभी प्रमुख लाइसेंस तत्काल निलंबित किए गए। मप्र के आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने जारी किया आदेश। आदेश 4 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। आदेश के अनुसार, सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. सेहतगंज (रायसेन) और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज रोजराचक (रायसेन) के लाइसेंस निरस्त। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट देपालपुर ने दोष सिद्ध मानने के बाद कार्यवाही। शराब परिवहन के फर्जी परमिट तैयार करने का आरोप साबित, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी बिल्टी का इस्तेमाल होना सिद्ध हुआ, शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप प्रमाणित हुआ। कंपनी को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने की साजिश प्रमाण के साथ उजागर, निदेशक व अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता दोषी करार। दोषी आरोपियों को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई। हालांकि मामले में हाईकोर्ट ने सजा पर रोक दी पर लाइसेंस रद्द पर रोक नहीं लगाई गई। आबकारी विभाग के अनुसार दोषसिद्धि आदेश अब भी प्रभावी है और उसी के अनुरूप कार्यवाही की गई। आबकारी अधिनियम की धारा 31(1)(ख),(ग) का उल्लंघन,, धारा 44 के तहत कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई, डी-1, एफएल-9, सीएस-1 सहित सभी प्रमुख लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए है। फर्जीवाड़े के इस मामले में कंपनी से मिलीभगत और लापरवाही पर आबकारी विभाग के अफसरों पर भी कार्रवाई की गई, आबकारी उप निरीक्षक प्रीति गायकवाड को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।





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