भोपाल: 19 दिसंबर 2024
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत हमारी भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पहचान है। भारत के इतिहास में किसी न किसी रूप में स्थानीय स्वशासन की पंचायती राज व्यवस्था के अवशेष मिलते है। यह भारतीय राजनीतिक व्यवस्था की सबसे पुरानी प्रणालियों में से एक है, जो हमारी गहन सूझ-बूझ के आधार पर व्यवस्था निर्माण करने की क्षमता का परिचायक है। यह हमारे समाज में स्वाभाविक रूप से समाहित स्वावलंबन, आत्मनिर्भता एवं संपूर्ण स्वतंत्रता के प्रति निष्ठा व लगाव का द्योतक है। मंत्री प्रहलाद पटेल गुरुवार को विधानसभा में श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर “अटल” ग्राम सुशासन भवन के संबंध में वक्तव्य दे रहे थे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमारे भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का यह मत था कि, ग्राम पंचायते व्यवहारिक रूप से अपना कार्य एवं दायित्वों का संवहन कर सके, उनका कार्यालय सम्यक रूप से कार्य संपादन कर सके, इस हेतु पंचायत भवन ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश की सरकार ने भारत सरकार के मार्गदर्शन में पंचायतों को सशक्त करने के दृष्टिकोण से उन समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं कलस्टर स्तर पर कलस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है, जो या तो भवन विहीन है या उनके भवन जीर्ण-शीर्ण एवं अनुपयोगी है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु प्रदेश के 23 हजार ग्राम पंचायतों से भवन उपलब्धता की जानकारी संकलित किये जाने के पश्चात लगभग 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति हेतु चिन्हित किया गया। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों राशि रूपये 437.62 करोड़ के कार्य स्वीकृत किये गये है, जिनमे से ग्राम पंचायत की सहभागिता एवं सुदृढीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के 52 जिलों के 1093 पंचायत भवनों राशि रूपये 409.60 करोड़ हेतु ग्राम पंचायत को कार्य एजेन्सी बनाया गया है एवं 60 कलस्टर पंचायतों के निर्माण राशि रूपये 28.01 करोड़ हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को कार्य एजेन्सी बनाया गया है। उक्त 1153 नवीन स्वीकृत पंचायत भवनों की प्रथम किश्त की राशि रुपये 218.81 करोड़ कार्य एजेंसियों को जारी किया जाना है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी का जन्म शताब्दी 25 दिसंबर को सिंगल क्लिक से सभी पंचायतों के खातों में यह राशि दी जायेगी। दूसरे चरण में जो भी पंचायत भवन होंगे. हम इस लक्ष्य के प्रति आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि यह संकल्प है कि हम अगले पंचायत चुनाव होने के पूर्व मध्यप्रदेश में यह कह सकें की मध्यप्रदेश की कोई भी पंचायत, भवनविहीन नहीं रहेगा। अगर कोई 25-30 वर्ष पुराना भी कोई भवन है तो हमने यह तय किया है कि जिला स्तर पर एक समिति का निर्माण करेंगे, जो जर्जर भवन को डिस्मेंटल करने का अधिकार देगी भौर उस खाली स्थान पर तत्काल राशि देकर उस पर भवन बनाने का काम करेगी।

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