कांकेर.
रेलवे लाइन के निर्माणाधीन ब्रिज को उड़ाने के लिए नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम को सुरक्षाबलों ने निष्क्रिय कर बड़ी घटना होने से बचा लिया। दरअसल, उत्तर बस्तर कांकेर जिले में रावघाट प्रोयोजना का कार्य जारी है। परियोजना के लिये रेलवे लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। नक्सली इस परियोजना का लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं। नक्सली नहीं चाहते कि इस परियोजना का विस्तार हो। इसलिए आये दिन इन इलाको में कुछ न कुछ नक्सल गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं।
बुधवार को भी अंतागढ़ क्षेत्र के ग्राम कोसरोडा के पास रावघाट रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन रेलवे पुल में तीन किलो प्रेशर कुकर बम नक्सलियों द्वारा लगाया गया था। कार्य की सुरक्षा में एसएसबी और डीआरजी के जवान तैनात थे। एरिया डोमिनेशन के दौरान उनकी नजर आईईडी बम से जुड़े वायर पर पड़ी। इलाके की सर्चिंग करने पर तीन किलो का आईईडी बम जमीन में गढ़ा मिला। नक्सलियों ने रेल लाईन को नुकसान पहुंचाने बम लगा रखा था। जिसे जवानों ने अपने सूझबूझ से निष्क्रिय कर उनके इरादों को ध्वस्त कर दिया। बता दें कि छत्तीसगढ़ का उत्तर बस्तर कांकेर जिला नक्सल प्रभावित है। यहां के अंदरूनी नक्सली इलाकों में बीएसएफ, एसएसबी के कैंप स्थापित कर जवानों को तैनात किया गया है। इन कैंपों में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीआरजी, बस्तर फाइटर के जवान भी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय