भोपाल/अयोध्या: 22 नवम्बर 2025
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण महोत्सव बेहद भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है. मंदिर निर्माण की पूर्णता के प्रतीक इस भव्य समारोह के लिए राम की नगरी सज गई है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन काफी महत्वपूर्ण है. ज्योतिष गणना के अनुसार 25 नवंबर को विवाह पंचमी है और माना जाता है कि इसी दिन त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और माता जानकी का विवाह हुआ था. मंदिर में धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम के तीसरे दिन रविवार को भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र समिति के मुताबिक, धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम के तीसरे दिन वैदिक आचार्यों ने गणपति पूजन, पंचांग पूजन, षोडष मातृका पूजन कराया. इसके बाद योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन किया गया. प्रधान मंडल के रूप में रामभद्र मंडल और अन्य समस्त पूज्य मंडलों का आह्वान व पूजन हुआ. इसके साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम और गणेश अथर्वशीर्ष की आहुतियां पूर्ण की गईं। 
ध्वजारोहण समारोह के लिए रामनगरी में भव्य उत्सव की पूरी तैयारी है. मंदिर मार्गों पर ऐसी भव्यता दिख रही है मानो त्रेता युग की पावन अयोध्या फिर से जीवंत हो उठी हो. रामपथ हो या फिर भक्तिपथ, धर्म पथ हो या फिर अयोध्या का कोई कोना, सभी फूलों से सज रहे हैं. शहर की हर सड़क, हर चौक-चौराहों को भव्यता के साथ सजाया जा रहा है।
बेहद खास है मंदिर पर लगने वाला ध्वज
राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है. पीतांबरी रंग का रेशमी सिल्क से तैयार ये ध्वज त्रिकोण के आकार का है. इस पर हाथ की नक्काशी की गई है. इसमें भगवान राम के राजवंश का चिह्न कोविदार वृक्ष, सूर्य देव और ओंकार का चिह्न बनाया गया है. अहमदाबाद के 8 कारीगरों ने 25 दिन में इसे तैयार किया है।

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