बिलासपुर.
भिलाई प्रोफेसर विनोद शर्मा पर चर्चित हमला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से सुप्रीम वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बहस की। कपिल सिब्बल ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बहस की। सिब्बल ने जांच के दौरान चैतन्य के गूगल आईडी और पासवर्ड को तलब किए जाने के औचित्य पर सवाल खड़ा किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने इसे 'निजता के अधिकार' के हनन और फंडामेंटल राइट्स पर हमला बताया। बता दें कि इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य और उनकी बहन से भी की पूछताछ की गई थी। आपको बता दें कि प्रोफेसर से मारपीट के मामले में फिलहाल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में पुलिस ने पहले ही सीडीआर डिटेल तलब किया गया है। अब इस मामले में आगामी सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि दुर्ग पुलिस ने बीते 26 सितंबर को प्रोफेसर विनोद शर्मा से मारपीट के मामले में पूर्व सीएम के पुत्र चैतन्य बघेल से तकरीबन चार घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। इसके साथ ही पुलिस ने भूपेश बघेल की बेटी दीप्ति बघेल से उनके घर में तकरीबन ढाई घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने भूपेश बघेल के पुत्र और पुत्री का मोबाइल भी जब्त कर लिया था। जानकारी दें कि भिलाई स्थित खूबचंद बघेल कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर विनोद शर्मा के ऊपर बीते 19 जुलाई को कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था। इस हमले में गंभीर रुप से घायल प्रोफेसर को इलाज के लिए राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत को देखते हुए उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि प्रोफेसर को मारने के लिए सुपारी दी गई थी। इसके लिए दूसरे राज्यों से भाड़े पर गुंडे बुलाए गए थे। मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों शिवम मिश्रा, धीरज वस्त्रकार और प्रवीण शर्मा पर दुर्ग पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है।

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