भोपाल: 29 जनवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से कुल 83 नैदानिक जांचों के लिए प्रत्यायन प्राप्त कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इन परीक्षणों में विभिन्न संक्रामक रोगों के निदान के लिए आवश्यक व्यापक माइक्रोबायोलॉजिकल विश्लेषण शामिल हैं। यह उपलब्धि विभाग की क्षेत्रीय वायरोलॉजी प्रयोगशाला द्वारा 2023 में प्राप्त एनएबीएल प्रत्यायन के बाद आई है, जो ISO 15189:2022 दिशानिर्देशों के अनुसार प्रत्यायित होने वाली देश की पहली वायरोलॉजी प्रयोगशाला बन गई थी। माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षणों की इतनी व्यापक श्रृंखला के लिए दोहरा प्रत्यायन भारत में एक दुर्लभ उपलब्धि है और यह एम्स भोपाल की नैदानिक सेवाओं में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रोफेसर सिंह ने इस उपलब्धि के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “83 नैदानिक परीक्षणों के लिए एनएबीएल प्रत्यायन हमारे सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की गुणवत्ता और सटीकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए की गई अथक मेहनत का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल हमारी नैदानिक सेवाओं में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और रोगियों के विश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि संक्रामक रोगों के सटीक और समय पर निदान में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

More Stories
भोपाल के रविन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा अनोखी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति
हिंदू नववर्ष महोत्सव मेले का शुभारंभ, पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़