भोपाल: 28 फरवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में रेयर डिज़ीज़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, दुर्लभ बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों की जागरूकता, समझ और सहायता के लिए विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलग्न है। इस पहल के तहत, 7 फरवरी को दुर्लभ बीमारियों पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया जिसमें विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों और हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि इस क्षेत्र में प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा की जा सके। एम्स भोपाल में 28 फरवरी को ग्लोबल रेयर डिज़ीज़ डे के उपलक्ष्य में पीडियाट्रिक ओपीडी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रोगियों, देखभाल करने वालों और स्वास्थ्य कर्मियों को दुर्लभ बीमारियों के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए एक जानकारीपूर्ण व्याख्यान शामिल था जिसके बाद दुर्लभ विकारों से पीड़ित फॉलो-अप रोगियों को जलपान वितरित किया गया।
इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “दुर्लभ रोग महत्वपूर्ण चिकित्सा और सामाजिक चुनौतियां प्रस्तुत करते हैं जिनके लिए अक्सर शीघ्र निदान और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इन जागरूकता पहलों का उद्देश्य जनता और चिकित्सा समुदाय को दुर्लभ बीमारियों के बारे में शिक्षित करना है ताकि दुर्लभ विकारों से जूझ रहे व्यक्तियों को अधिक समर्थन और सहायता मिल सके। एम्स भोपाल अपने मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में ज्ञान के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

More Stories
(लीड) समाज के रक्त में लोकतंत्र है, उसे दबाने की कोशिश करने वाला मिट्टी में मिल जाएगाः भैयाजी जोशी
सारंगपुर विधानसभा को मिली विकास की सौगात, 135.42 करोड़ों की लागत से होंगे निर्माण कार्य
सोम डिस्टलरीज का लायसेंस रद्द अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मप्र सरकार की बड़ी कार्यवाही