एम्स भोपाल ने महिला सशक्तिकरण पर निबंध प्रतियोगिता के साथ मनाई अंबेडकर जयंती

भोपाल: 16 अप्रैल 2025

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में 15 अप्रैल, 2025 को नर्सिंग कॉलेज में एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। ‘महिला सशक्तिकरण: डॉ. बी.आर. अंबेडकर की विरासत’ विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. अंबेडकर द्वारा वंचित वर्गों के उत्थान एवं महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान को सम्मानित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और नर्सिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डॉ. अंबेडकर के भारतीय संविधान निर्माण, सामाजिक न्याय की स्थापना तथा लैंगिक समानता की दिशा में किए गए प्रयासों पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं में मौलिकता, प्रासंगिकता और रचनात्मकता का परिचय देते हुए डॉ. अंबेडकर के आदर्शों की सजीव अभिव्यक्ति की। प्रो. (डॉ.) अजय सिंह द्वारा प्रतियोगिता के शीर्ष तीन प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और उन्होंने प्रतिभागियों की गहरी सोच और समझ की सराहना की। प्रथम पुरस्कार कु. वीना पांडे (प्रथम वर्ष बी.एससी. नर्सिंग) को, द्वितीय पुरस्कार श्री जयेश कुमार (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर – SNO) को तथा तृतीय पुरस्कार श्री उदय पंथ (तृतीय वर्ष एमबीबीएस) को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “डॉ. बी.आर. अंबेडकर का योगदान कालातीत है। सामाजिक सुधार, संविधानिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके अटूट प्रयास आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। यह निबंध प्रतियोगिता न केवल उनकी विरासत को श्रद्धांजलि है, बल्कि युवाओं को समावेशी और न्यायसंगत समाज की दिशा में सोचने और संवाद करने का अवसर भी प्रदान करती है।” इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. संतोष वाकोड़े, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. वैशाली वालके एवं श्री राजकुमार (SNO) द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर पर निर्णायक मंडल में डॉ. विजेन्द्र सिंह, डॉ. सीमा महंत एवं डॉ. राजरतन गुप्ता शामिल रहे, जिन्होंने रचनाओं का मूल्यांकन रचनात्मकता, प्रासंगिकता एवं अंतर्दृष्टि के आधार पर किया। इस प्रतियोगिता के अतिरिक्त, एम्स भोपाल द्वारा पूरे माह डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें 11 से 14 अप्रैल तक रक्तदान शिविर शामिल रहा, जिसमें 65 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया तथा बंगाली बस्ती क्षेत्र में एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की गईं। ये सभी आयोजन प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के सतत समर्थन एवं दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम हैं, जिनके मार्गदर्शन में एम्स भोपाल डॉ. अंबेडकर की विचारधारा एवं विरासत को सार्थक रूप से जीवंत रखे हुए है।