रायपुर
आमतौर पर हम सभी के घर के बड़े बुजुर्ग यह कहते है कि सभी स्वास्थ्यगत समस्याओं की जड़ पेट से शुरू होती है। जी हां. पेट की समस्या असंतुलित खान-पान और अपाचक भोज्य पदार्थों का सेवन से शुरू होती है। पेट में उत्पन्न विकार ही अन्य बीमारियों के लिए बेस तैयार करते है। इस बात को बिल्कुल भी नकारा नहीं जा सकता। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडळ के स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे गेस्ट्रोलाजिस्ट डा. संजय अग्रवाल ने कहीं।
डा. संजय अग्रवाल ने कहा कि आज के आधुनिक युग में हम बाहरी खाद्य पदार्थ का सेवन अधिक कर रहे है। जंक फूड हमारे स्वास्थ्य़ के लिए ज्यादा हानिकारक है। पिज्जा, बर्गर, मोमोस आदि पदार्थों का सेवन आम हो चुका है। और इन चीजों को हम रात के डाइट में शामिल करते है। जबकि हमारा रात का भोजन लाइट और पाच्य योग्य होना चाहिए। इन पदार्थों को पचने में समय लगता है और यहीं धीरे-धीरे हमारे स्वास्थ्य पर असर डालते है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष पर मिलेट्स वर्ष मना रहे है। यहीं हो मिलेट्स है जो हमारे लिए पाच्य और अच्छा है। दिन के समय चावल, दाल, रोटी का सेवन तो ठीक है, क्योंकि दिन में हमारा शरीर पूरी तरह एक्टिव रहता है, जबकि रात में हमारा शरीर आराम करता है, इसलिए रात में दाल का पानी, सलाद की मात्रा को भोजन में अधिक होनी चाहिए। क्योंकि सलाद जल्दी पच जाता है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि असंतुलित भोज्य पदार्थ के सेवन से हमें गैस की समस्या आती है। हाथ पैर में दर्द होता है। अगर आपको एक ही स्थान पर दर्द होता है तो यह गैस की समस्या नहीं है। अपने से गैस की दवाईयां न लें। इस तरह की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें। शरीर में गैस बनने के कई कारण हो सकते है। यह परेशानी आपको हार्ट अटैक की स्थिति तक ला सकती है। लंबे समय से गैस की समस्या से जूझ रहे लोगों को डाक्टरों के पास जाना चाहिए।

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