भोपाल
प्रदेश के स्कूलों में बच्चों में नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के लिए अब स्कूलों में प्रहरी क्लब गठित किए जाएंगे और इनके कामकाज की त्रैमासिक आधार पर गतिविधियों की योजना विकसित करने, मॉनिटरिंग करने के लिए प्रहरी पोर्टल भी बनाई जाएगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि बच्चों में नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम करने कड़े उपाय किए जाए।
गौरतलब है कि नशे के कारोबारी स्कूली बच्चों को स्कूलों में ही लालच देकर नशे की लत लगाते हैं। स्कूलों के आसपास बने पान ठेलों, चाय-नाश्ते की दुकानों और यहां तक की कई दूध पार्लर्स तक पर नशे की दवाएं, मादक द्रव्य की सरेआम बिक्री हो रही है। स्कूली बच्चों को पहले मुफ्त में मादक दवाएं दी जाती है फिर लत लग जाने पर उनसे घर से रुपए लाकर ये दवाएं दी जाती है। इसके चलते स्कूली बच्चें इन नशे के सौदागरों की गिरफ्त में आकर पहले घरों में चोरी करते है फिर अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं।
इन पर नजर रखने और बच्चों को इनके जाल में फंसने से बचाने के लिए स्कूलों में प्रहरी क्लब बनाए जा रहे हैं। इन क्लबों में में प्रभारी शिक्षक और नोडल शिक्षक भी तैनात किए जा रहे हैं।
बच्चों और अन्य नागरिकों की मदद से यह क्लब इस तरह की नशे की गतिविधियों पर नजर रखता है और इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को देकर इस नशे के कारोबार में लगे लोगों को गिरफ्तार कर इन पर शिकंजा कसने की कवायद की जाती है। प्रहरी पोर्टल पर अब प्रभारी शिक्षकों और नोडल शिक्षकों की जानकारी अपडेट की जाएगी। प्रहरी क्लबों की त्रैमासिक गतिविधियों की जानकारी भी इस पर होगी। इससे प्रहरी क्लबों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने पुलिस और प्रशासन समय-समय पर इनकी बैठके लेकर इन्हें मार्गदर्शन भी देगा।

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