रायपुर.
प्रशिक्षण के पहले दिन लगभग 130 मंत्रालयीन कर्मचारी ने प्रशिक्षण का लाभ लिया। इसमें छत्तीसगढ़ के जाने माने साहित्यविद और लेखक डॉक्टर चितरंजन कर ने अपना व्याख्यान दिया और छत्तीसगढ़ी राजभाषा के प्रशासनिक उपयोग के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन लोक व्यवहार और प्रशासनिक कार्यों में छत्तीसगढ़ी के उपयोग और शब्दावलियों का प्रशिक्षण दिया गया।
आज के प्रशिक्षक जाने माने शिक्षाविद डॉक्टर सुधीर शर्मा रहे। प्रशिक्षण के अंतिम दिन अनुभाग अधिकारी और अवर सचिव स्तर के अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत का सहयोग प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन लगभग 130 मंत्रालयीन कर्मचारी ने प्रशिक्षण का लाभ लिया। जिसमें छत्तीसगढ़ के जाने माने साहित्यविद और लेखक डॉक्टर चितरंजन कर ने अपना व्याख्यान दिया और छत्तीसगढ़ी राजभाषा के प्रशासनिक उपयोग के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन लोक व्यवहार और प्रशासनिक कार्यों में छत्तीसगढ़ी के उपयोग और शब्दावलियों का प्रशिक्षण दिया गया। आज के प्रशिक्षक जाने माने शिक्षाविद डॉक्टर सुधीर शर्मा रहे। प्रशिक्षण के अंतिम दिन अनुभाग अधिकारी और अवर सचिव स्तर के अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह राजपूत का सहयोग प्रदान कर रहे है।

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