संभल
चुनाव आयोग ने लोकसभा के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। लोकसभा क्षेत्र संभल में तीसरे चरण यानी 9 मई को मतदान होना है। ऐसे में संभल लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के द्वारा घोषित उम्मीदवार डॉ शफीकुर्रहमान बर्क के निधन के बाद इस सीट पर पार्टी के नये उम्मीदवार के नाम को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। साथ ही बर्क की सियासी विरासत को लेकर भी मौलाना बेटे और विधायक पोते में खींचतान शुरू हो गई है।
सपा ने जारी पहली ही लिस्ट में सांसद डॉ़ बर्क को अपना प्रत्याशी घोषित किया था लेकिन उनका लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। इसके बाद डॉ. बर्क के पोते और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक जियाउर्रहमान बर्क को संभल लोकसभा क्षेत्र से टिकट मिलने की चर्चाएं होने लगी। वहीं, संभल विधानसभा सभा क्षेत्र से सपा के विधायक इकबाल महमूद भी संभल लोकसभा से सपा का टिकट मांग रहे हैं। दूसरी ओर डॉ. बर्क के बेटे ममलुर्रहमान की एक सोशल मीडिया पोस्ट से पोते जियाउर्ररहमान बर्क परिवार में सब कुछ सही न होने की चर्चाएं होने लगी। पोस्ट में लिखा था कि मैंने पार्टी का कई बार चुनाव लड़ाया लेकिन पार्टी ने मेरे बारे मे कुछ नही सोचा।
अकीलुर्रहमान खां भी मांग रहे टिकट
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे अकीलुर्रहमान खां भी अब राष्ट्रीय लोकदल का दामन छोड़कर सपा में आ गए हैं। वह आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव थे। अकीलुर्रहमान लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने पार्टी में शामिल हुए थे। अकीलुर्रहमान ने कहा है कि यदि पार्टी टिकट देती है तो लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। बसपा और फिर राष्ट्रीय लोक दल के कद्दावर नेता रहे अकीलुर्रहमान के सपा में आ जाने से सपा के टिकट को लेकर क्षेत्र में अब नई चर्चाएं होने लगी हैं।
डॉ. बर्क के निधन पर शोक व्यक्त करने संभल आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस समय के बयान के बाद जियाउर्रहमान वर्क को ही सपा प्रत्याशी बनाए जाने की अटकले लगाई जा रही थीं। लेकिन अब नई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।

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