बिलासपुर
जूनियर वर्ग की नेशनल रग्बी फुटबाल स्पर्धा 25 और 26 जून को पुणे में आयोजित हो रही है। इस महत्वपूर्ण स्पर्धा में भाग लेने के लिए बिलासपुर की टीम रविवार को हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस से पुणे के लिए रवाना हो गई। यह स्पर्धा पुणे के प्रसिद्ध बालेवाडी खेल मैदान में आयोजित की जा रही है। इस आयोजन में देशभर की प्रतिभाशाली टीमें हिस्सा ले रही हैं।
इस प्रतियोगिता में बिलासपुर की टीम भी अपना कौशल दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बिलासपुर जिले से चयनित तीन खिलाड़ी नीलेश साई बजील, पीयूष सोरेंग, और प्रियांश ठाकुर इस स्पर्धा में भाग ले रहे हैं। ये तीनों खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट खेल कौशल और अनुभव के लिए जाने जाते हैं। इन्हें जिले के श्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता है और इनसे उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करेंगे।
बिलासपुर टीम के मैनेजर कोरबा से संस्कार हैं, जो टीम को लेकर गए हैं। टीम के कोच शुभम मानिक हैं, जिन्होंने खिलाड़ियों को इस स्पर्धा के लिए पूरी तरह से तैयार किया है। कोच मानिक ने खिलाड़ियों को विभिन्न तकनीकों और रणनीतियों का अभ्यास करवाया है, ताकि वे प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। स्पर्धा से पहले टीम ने काफी मेहनत और अभ्यास किया है।
खिलाड़ियों ने विभिन्न अभ्यास सत्रों में भाग लिया और अपनी तकनीकी और शारीरिक क्षमता को मजबूत किया। इस मेहनत से टीम को उम्मीद है कि उनका प्रदर्शन शानदार रहेगा और वे विजयी होकर लौटेंगे।
खिलाड़ियों को उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। सभी की दुआएं और शुभकामनाएं टीम के साथ हैं, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल और भी ऊंचा हो गया है। इस प्रकार, बिलासपुर की जूनियर रग्बी टीम पुणे में आयोजित नेशनल रग्बी फुटबाल स्पर्धा में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। कोच और मैनेजर के नेतृत्व में टीम ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और अब सबकी नजरें उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं। उम्मीद है कि टीम अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को गर्व महसूस कराएगी और विजयी होकर लौटेगी।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय