लखनऊ
यूपी के हाथरस जिले में दर्दनाक हादसे में मारे गए 121 लोगों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार सेवादारों से पूछताछ कर रही है। हाथरस पुलिस ने 7 टीमों को गठन किया। टीमें मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर की तलाश कर रही हैं।पूरे मामले में योगी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग ने बुधवार को देर शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव द्वितीय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग गठित कर दिया। आयोग का मुख्यालय लखनऊ में होगा। आयोग को दो माह में अपनी जांच पूरी करनी होगी।
आयोग में अपर मुख्य सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस हेमंत राव और डीजी अभियोजन और मुख्य राज्य सूचना आयुक्त रहे सेवानिवृत्त आईपीएस भावेश कुमार को सदस्य बनाया गया है। आयोग को हाथरस में दो जुलाई को हुए हादसे की जांच सौंपी गई है। आयोग यह जांच करेगा कि आयोजकों ने अनुमति के साथ लगाई गई शर्तों का पालन किया या नहीं। आयोग यह भी देखेगा कि यह कोई दुर्घटना है या कोई सुनियोजित साजिश है। आयोग को प्रशासन की ओर से किए गए प्रबंधों की भी पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के उपाय भी सुझाएगा।

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