बीजापुर
जिले के अंदरूनी क्षेत्र के गांवों में मूलभूत सुविधाएं के लिए ग्रामीणों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिले के नदी पार गांव की स्थिति भी बेहद खराब है। सोमवार सुबह 10 बजे के लगभग गंगालूर तहसील के गांव कमकानार की गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। परेशान परिजन ने बचाव दल से संपर्क किया, लेकिन सुविधाएं न मिलने पर चारपाई में गर्भवती को नदी पार कराया।
उफान पर थी बेरूदी नदी
कमकानार और रेड्डी के बीच बेरूदी नदी पड़ती है, जो इन दिनों बारिश के कारण उफान पर है। इस समय कमकानार की गर्भवती महिला रैनू माडवी को प्रसव पीडा ज्यादा होने से नजदीकी अस्पताल में पहुंचाना था, लेकिन कोई सुविधा न मिलने पर ग्रामीणों ने जान को जोखिम में डालकर महिला को नदी पार कराया। बचाव दल के पहुंचता, उससे पहले ही ग्रामीण चारपाई से प्रसूता को पार करा चुके थे। नदी के समीप ही गर्भवती महिला रैनू माडवी को रेड्डी के डॉक्टर एन. कौशिक और नर्स द्वारा जांच के बाद एंबुलेंस से गंगालूर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर एन कौशिक ने बताया कि गंगालूर में गर्भवती महिला रैनू माडवी का सुरक्षित प्रसव कराया।
महिला ने बेटी को दिया जन्म
रेड्डी के डॉक्टर के अनुसार, कमकानार के ग्रामीण के द्वारा सूचना दी गई थी। रेस्क्यू दल के पहुंचने से पहले परिजनों ने ग्रामीणों के मदद से गर्भवती महिला को नदी पार कराया। जांच के बाद गंगालूर स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला ने पुत्री को जन्म दिया।

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