बिलासपुर
बिलासपुर धाम श्रीराम मंदिर परिसर स्थित राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मां भगवती मंदिर का 12 वां वार्षिकोत्सव भक्ति औऱ उल्लास से मनाया जायेगा. श्रीराम मंदिर बलखंडी बाबा न्यास के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी मंगतराय अग्रवाल ने मंदिर परिसर मे आयोजित प्रेस कांफ्रेस मे इसकी विस्तृत जानकारी पत्रकारों से साझा की. उन्होंने कहा 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक होने वाले वार्षिकोत्सव के सभी कार्यक्रमों की तैयारी समस्त न्यासीगण, पदाधिकारी औऱ आजीवन सदस्यों के सहयोग से पूर्ण क़र ली गई है.
मां भगवती के प्राण प्रतिष्ठा का यह वार्षिकोत्स्व श्री लक्षार्चन से खास रहने वाला है. यहाँ बनाये भव्य पंडाल मे 3 अक्टूबर को श्रीमद भागवत देवी महापुराण कथा का वाराणसी के कथा व्यास आचार्य हितेंद्र पाण्डेय महाराज शुभारम्भ करेंगे. 11 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ इसका समापन किया जायेगा. एक दिन विश्राम के बाद 13 अक्टूबर को माता का श्री लक्षार्चन किया जायेगा. वाराणसी के विशेश्वर दातार महाराज के मार्गदर्शन औऱ सानिध्य मे राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मां भगवती का तय एक लाख वस्तु से अर्चन होगा.
वैदिक विधान से किया जाने वाला मां भगवती का श्री लक्षार्चन देखना अद्भुत औऱ अलौकिक होगा. धार्मिक आस्था है की राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी अपने साधकों की मनोकामनाएँ पूरा करती है. प्रेस कांफ्रेस मे मौजूद बलखंडी न्यास के उपाध्यक्ष राजेंद्र खेड़िया, सचिव दीपक मोदी, न्यासीगण मनोज भंडारी आनंद सोनी औऱ न्यासी द्वय अनिल अग्रवाल ने बताया भक्ति औऱ उत्साह के बेला मे ज़ब शारदीय नवरात्र चल रहा होगा ऐसे पावन अवसर पर श्रीमद भागवत की समाप्ति पर 11 अक्टूबर को औऱ 17 अक्टूबर माता जी को सवामनी भोग लगाने के बाद दोनों अवसर पर यहाँ कन्या भोजन कराया जायेगा. वार्षिक महोत्सव का अंतिम आकर्षण होगा प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर की भक्ति पूर्ण संध्या जिसमे वो अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं को आल्हादित करेंगी।
17 को भजन संध्या
17 अक्टूबर को रात 8 बजे से भजन संध्या होगी. सभी कार्यक्रम श्री खाटू श्याम मंदिर और श्रीराम मंदिर बिलासपुर धाम परिसर मे होंगे.

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय