नई दिल्ली.
अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के उद्घाटन की तैयारी जोरशोर से चल रही है। इसके लिए देश-विदेश से मेहमानों को आमंत्रित किया जा रहा है, लेकिन इस कार्यक्रम से कुछ ऐसे बड़े चेहरे ही गायब हैं जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन की लड़ाई लड़ने में बेहद महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन्हीं चेहरों में से एक हैं प्रवीण तोगड़िया। वे विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं।
भाजपा ने पालमपुर अधिवेशन में जब राम मंदिर के लिए आंदोलन चलाने का निर्णय लिया था, तब से वे विहिप के सर्वप्रमुख पदाधिकारी रहते हुए उन्होंने आंदोलन चलाने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। कुछ राजनीतिक मतभेद के चलते वे इस समय संगठन से बाहर हैं। माना जा रहा है कि इस मतभेद के चलते ही उन्हें राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें इस बात का कष्ट नहीं है कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े लक्ष्य को पूरा होते देख उन्हें खुशी है।
प्रवीण तोगड़िया ने अमर उजाला से कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने इस तरह के निमंत्रण के लिए नहीं, बल्कि लाठी-गोली खाने के लिए आंदोलन चलाया था। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य आज पूरा होने जा रहा है।

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