भोपाल: 3 फरवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, संस्थान की नियोनेटोलॉजी टीम ने समय से पहले जन्मे एक बच्चे की जान बचाने में सफलता हासिल की। यह बच्चा गर्भावस्था के सातवें महीने में जन्मा था और उसका वजन केवल 700 ग्राम था। इस नवजात को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन अस्पताल के नवजात गहन देखभाल इकाई (NICU) में दी गई उन्नत चिकित्सा देखभाल की वजह से बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है । तीन महीने बाद, बच्चा 2 किलोग्राम वजन के साथ घर भेजा गया और अब उसकी नियमित जांच की जा रही है। बच्चे के माता-पिता ने एम्स भोपाल की टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस अस्पताल में उन्हें बिना किसी खर्चे के उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा मिली।
एनआईसीयू में बच्चों को देखभाल के लिए विशेष उपकरण और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत होती है। यहां के चिकित्सा और नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चे को बेहतरीन देखभाल मिले। प्रो. सिंह ने इस उपलब्धि पर कहा, “यह सफलता हर रोगी को, उनकी पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है। हम खासकर ग्रामीण परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनने पर गर्व महसूस करते हैं।”

More Stories
(लीड) समाज के रक्त में लोकतंत्र है, उसे दबाने की कोशिश करने वाला मिट्टी में मिल जाएगाः भैयाजी जोशी
सारंगपुर विधानसभा को मिली विकास की सौगात, 135.42 करोड़ों की लागत से होंगे निर्माण कार्य
सोम डिस्टलरीज का लायसेंस रद्द अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मप्र सरकार की बड़ी कार्यवाही