भोपाल: 5 फरवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर डॉक्टर्स और नर्सिंग अधिकारियों के लिए दो दिवसीय पैलिएटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 3 और 4 फरवरी 2025 को एनएचएम (सीएमएचओ कार्यालय, भोपाल) द्वारा एम्स भोपाल के सहयोग से आयोजित किया गया। 3 फरवरी को 58 नर्सिंग अधिकारियों और 4 फरवरी को भोपाल जिले और आसपास के क्षेत्रों के 68 चिकित्सा अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, एम्स भोपाल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मलिक, एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह और भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रभाकर तिवारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों को गंभीर और लाइलाज रोगियों की दर्द प्रबंधन और देखभाल के लिए सक्षम बनाना था।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, “वर्ल्ड कैंसर डे पर पेलिएटिव केयर पर यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और मरीजों के दर्द और परेशानी को कम करने में सक्षम बनाएगा। हम चाहते हैं कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी अच्छी तरह प्रशिक्षित हों ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। हाल ही में एम्स भोपाल में जबलपुर से लाए गए मस्तिष्क-मृत व्यक्ति के हृदय से सफल हृदय प्रत्यारोपण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” उन्होंने कैंसर की शीघ्र पहचान के महत्व पर भी बल दिया और प्रतिभागियों से एम्स द्वारा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की महत्ता पर जोर देते हुए लाभार्थियों को इसके फायदों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
एम्स भोपाल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मलिक ने कहा, “आज, 4 फरवरी, वर्ल्ड कैंसर डे का विशेष महत्व है। ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ थीम के तहत हम यह संदेश देना चाहते हैं कि मुख्य उपचार के साथ-साथ सभी व्यक्तियों का सहयोग भी कैंसर से लड़ने के लिए आवश्यक है। पेलिएटिव केयर केवल चिकित्सा उपचार नहीं है, बल्कि यह मरीजों के प्रति सहानुभूति, देखभाल और सम्मान का प्रतीक है।” उन्होंने एम्स भोपाल में हाल ही में हुए सफल हृदय प्रत्यारोपण में मेडिकल स्टाफ द्वारा किए गए उत्कृष्ट टीमवर्क की सराहना की।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “पेलिएटिव केयर किसी भी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता है, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक सहयोग प्रदान करता है। यह प्रशिक्षण हमारे डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों को जटिल परिस्थितियों में अधिक संवेदनशील और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।”
भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने इस प्रशिक्षण को स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और यह भी रेखांकित किया कि बजट में कैंसर मरीजों की देखभाल के लिए हर जिला स्तर पर कैंसर डे केयर केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. मनीष गुप्ता ने मुख्य उपचार के साथ पेलिएटिव केयर की पूरक लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पेलिएटिव केयर के विभिन्न पहलुओं, जैसे टैब मॉर्फीन के महत्व को शामिल किया गया। डॉ. वैशाली, डॉ. भारती पंड्या, डॉ. अनुज जैन, डॉ. हरीश, डॉ. विपिन, डॉ. सुकुमार और एक मनोवैज्ञानिक की समर्पित टीम ने प्रशिक्षण सत्रों को सफलतापूर्वक आयोजित किया।

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