भोपाल: 29 अप्रैल 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने अपनी बहुविषयी क्लिनिकल सेवाओं का एक और शानदार उदाहरण पेश किया है। यहां के चिकित्सकों की एक समर्पित टीम ने गंभीर गर्भावस्था जटिलताओं के कारण समय से पहले जन्मे एक ऐसे शिशु का जीवन बचाया है, जिसका जन्म के समय वजन 1 किलोग्राम से भी कम था। गर्भावस्था के दौरान, माता को एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (OBGY) में विशेषज्ञों द्वारा लगातार और उचित देखभाल दी गई। शिशु के जन्म के बाद उसे तुरंत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया, जहाँ उसे विशेष चिकित्सकीय देखभाल दी गई। यह शिशु माता-पिता के लिए बेहद खास था, क्योंकि वे आठ साल के लंबे इंतजार के बाद माता-पिता बने थे। एम्स भोपाल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तीन महीने तक लगातार देखभाल की और पूरी मेहनत से शिशु का इलाज किया। परिणामस्वरूप, शिशु अब स्वस्थ है और घर जा चुका है। वर्तमान में, शिशु की देखभाल नवजात शिशु विभाग की उच्च जोखिम नवजात ओपीडी (High-Risk Newborn OPD) में नियमित फॉलोअप के तहत किया जा रहा है, जहाँ विशेषज्ञ उसकी प्रगति पर नजर रख रहे हैं और परिवार को जरूरी सलाह दे रहे हैं। इस मौके पर, शिशु के माता-पिता ने एम्स भोपाल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पूरी चिकित्सा टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा, “यह मामला चिकित्सा सेवा में समर्पण, धैर्य और परिवार के विश्वास की एक शानदार मिसाल है। एम्स भोपाल में हम हर मरीज को सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। यह उपलब्धि हमारे डॉक्टरों, नर्सों और पूरी टीम की मेहनत और परिवार के विश्वास का परिणाम है।”

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