भोपाल: 10 दिसंबर 2024
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में संस्थान ने 27 वर्षीय मरीज की जटिल क्रोनिक थ्रोम्बोएम्बॉलिक पल्मोनरी हाइपरटेंशन (सीटीईपीएच) का सफलतापूर्वक इलाज करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि एम्स भोपाल को राज्य का एकमात्र ऐसा सरकारी अस्पताल बनाती है जो इस प्रकार की जटिल सर्जरी करने में सक्षम है। मरीज को अचानक सांस लेने में तकलीफ और खांसी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय अस्पताल में इलाज करवाया। हालांकि इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें एम्स भोपाल भेजा गया। यहाँ जांच में क्रोनिक थ्रोम्बोएम्बॉलिक पल्मोनरी हाइपरटेंशन (सीटीईपीएच) पाया गया। सीटीईपीएच एक दुर्लभ और गंभीर स्थिति है जिसमें समय के साथ फेफड़ों में बनने वाले रक्त के थक्के, फेफड़ों में उच्च रक्तचाप का कारण बनते हैं। इससे हृदय पर दबाव पड़ता है, जिससे रक्त को कुशलतापूर्वक पंप करने की उसकी क्षमता प्रभावित होती है। अगर इलाज नहीं किया जाए, तो सीटीईपीएच हृदय के फेल होने जैसे गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
प्रो. सिंह ने इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा: “यह सफल सर्जरी हमारी टीम की समर्पण और उन्नत हृदय देखभाल विशेषज्ञता का प्रमाण है। एम्स भोपाल, मध्य प्रदेश का एकमात्र सरकारी अस्पताल है जहां एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (एकमो) की सुविधा उपलब्ध है। ऐसी जटिल सर्जरी में एकमो का उपयोग, अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” सर्जरी के दौरान मरीज का रक्त प्रवाह पूरी तरह से रोक दिया गया ताकि सही तरीके से सर्जरी की जा सके। सर्जरी के बाद मरीज को फेफड़ों और हृदय को सहारा देने के लिए एकमो पर रखा गया। एकमो एक ऐसी तकनीक है जो फेफड़ों और हृदय की कार्यक्षमता को बाहर से संचालित करती है और जटिल सर्जरी के बाद अंगों को आराम देती है। यह ऑपरेशन कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. योगेश निवारिया की देखरेख में किया गया। सर्जिकल टीम में डॉ. एम किशन, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम से सुश्री पूजा सिंह और परफ्यूजनिस्ट श्री वेदांत इनामदार और सुश्री सुषमा सिंह इस सर्जरी का हिस्सा थीं। यह सफल सर्जरी एम्स भोपाल को उन्नत हृदय देखभाल के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र और जटिल हृदय रोगों के मरीजों को नई उम्मीद प्रदान करती है।

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