भोपाल: 20 अगस्त 2025
एम्स भोपाल ने विश्व मच्छर दिवस पर मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस अवसर पर संस्थान ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के महत्व को रेखांकित किया। मच्छर जनित रोग भारत में लगातार एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं। अनुकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना और बढ़ जाती है, जिससे यह बीमारियाँ समुदाय और स्वास्थ्य तंत्र पर गहरा बोझ डालती हैं। इनका प्रभाव विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों पर अधिक होता है। एम्स भोपाल का मुख्य संदेश है कि इन बीमारियों से लड़ाई की शुरुआत हमारे घरों और आसपास से ही होती है। चिकित्सा तंत्र इनके उपचार के लिए तैयार है, लेकिन इनसे बचाव ही सबसे प्रभावी रणनीति है।
संस्थान ने यह स्पष्ट किया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति सरल और नियमित सावधानियाँ अपनाए, तो सामूहिक प्रयासों से मच्छरों के प्रजनन और रोगों के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। संस्थान ने व्यक्तिगत सुरक्षा और सामुदायिक प्रयासों पर आधारित द्विस्तरीय रणनीति अपनाने की सलाह दी है। व्यक्तिगत स्तर पर लोगों को मच्छरदानी, सुरक्षात्मक कपड़े और स्वीकृत मच्छररोधी उपायों का उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं सामुदायिक स्तर पर घर और आसपास के क्षेत्रों से ठहरे हुए पानी को हटाना और स्वच्छता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। एम्स भोपाल ने जनस्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, उपचार और अनुसंधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यदि समाज ज्ञान और व्यावहारिक उपायों से सशक्त होकर सामूहिक रूप से कार्य करे, तो इन बीमारियों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है जिससे सभी के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित होगा।

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