भोपाल: 13 जनवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, रिसोर्स सेंटर फॉर हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट (एचटीए) ने एक जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्धारण में एचटीए के महत्व और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला में 40-50 प्रतिष्ठित भागीदारों ने भाग लिया, जिनमें स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नीति निर्माता और सरकारी एजेंसियों, शिक्षाविदों और विकास भागीदारों जैसे न्यूट्रीशन इंटरनेशनल, एविडेंस एक्शन, यूनिसेफ और एनआईपीआई के प्रतिनिधि शामिल थे। एम्स भोपाल की ओर से प्रो. (डॉ.) बर्था ए. डी. रथिनम ने संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसमें साक्ष्य-आधारित नीति निर्धारण में पारदर्शिता बनाए रखने और फार्मास्युटिकल कंपनियों व कॉर्पोरेट प्रभाव से मुक्त रहने की बात कही। एम्स भोपाल के डीन (रिसर्च) प्रो. (डॉ.) रेहान-उल-हक ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए इसके उद्देश्यों को प्रस्तुत किया और सत्रों की रूपरेखा तय की। मुख्य वक्तव्य डॉ. बीना जोशी, साइंटिस्ट-जी, आईसीएमआर-एनआईआरआरसीएच, मुंबई द्वारा दिया गया, जिन्होंने भारत में एचटीए और इसकी उपयोगिता पर गहन जानकारी साझा की। डॉ. सलोनी सिदाना (आईएएस), मिशन निदेशक, एनएचएम मध्य प्रदेश ने राज्य की विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों को संबोधित करने और स्वास्थ्य संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग में एचटीए की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. योगेश गुरव, साइंटिस्ट-एफ, एनआईवी पुणे ने ऑनलाइन सत्र के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य में निरंतर साक्ष्य सृजन की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कार्यशाला का समग्र मार्गदर्शन किया और कहा, “हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट स्वास्थ्य संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग और उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को जनता तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। एम्स भोपाल साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।” इस कार्यशाला में स्वास्थ्य परिणामों का मूल्यांकन, स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के लागत विश्लेषण और एचटीए अध्ययनों को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लागू करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन एक विचार मंथन सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने मध्य प्रदेश में भविष्य की एचटीए गतिविधियों के प्रमुख विषयों की पहचान की और इस पर चर्चा की कि कैसे एचटीए प्रभावी नीति निर्धारण का मार्गदर्शन कर सकता है और राज्य में स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ कर सकता है।

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