बिलासपुर.
नवरात्र के दौरान भव्य दुर्गा पंडाल और साज सज्जा की कहानी तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन बिलासपुर के मिनी बस्ती इलाके में झुग्गी झोपड़ियां के बीच महिलाओं की एक ऐसी दुर्गोत्सव समिति है, जिसने बस्ती के बच्चों की पढ़ाई लिखाई और युवाओं को नशे से दूर रखने का जिम्मा उठाया है. महिलाएं तीन साल से यह काम कर रहीं
बिलासपुर के जरहाभाटा इलाके में स्थित मिनी बस्ती के महिला दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने बस्ती में लगातार फैल रहे नशे के काले बादल को हटाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. समिति के सदस्य नवरात्र के 9 दिनों तक बस्ती के बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा के प्रति उनकी लगन जगाने का प्रयास कर रहे हैं. दरअसल बिलासपुर का मिनी बस्ती इलाका अत्यंत पिछड़े इलाकों में आता है और यहां के युवा नशे की गिरफ्त में घिरते जा रहे हैं.
गरीब बच्चों को कापी-किताब भी बांट रहे
मिनी बस्ती के शिव मंदिर परिसर में बीते 3 सालों से महिलाओं की समिति दुर्गा प्रतिमा की स्थापना करती आ रही है. नवरात्र के दौरान पूरे 9 दिन समिति के सदस्य स्थानीय बस्ती के बच्चों को पढ़ाते-लिखाते नजर आते हैं. साथ ही उनके घरों में संपर्क करके शिक्षा के लिए बच्चों के साथ-साथ परिजनों को जागरूक कर रहे हैं. नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं को जागरूक करने के साथ नशे से दूर रहने की प्रेरणा भी दे रहे हैं. साथ ही समिति की महिलाएं इलाके के गरीब बच्चों को कापी किताब और शिक्षा में जरूरी अन्य सामग्री का वितरण भी करती हैं, जिससे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई करने में कोई असुविधा न हो.

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय