दुर्ग.
दुर्ग में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। बारिश से कई जगह पर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। चंगोरी गांव में ईट भट्ठा पर काम कर रहे मजदूर और उनके परिवार बाढ़ में फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकला। एसडीआरएफ की टीम ने 12 से अधिक लोगो का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
दुर्ग के शिवनाथ नदी महमरा एनीकट के ऊपर 10 फीट पानी बह रहा है। नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा शिवनाथ नदी तट के सभी गांव के लोगों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। शिवनाथ नदी के किनारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र झोला, भोथली, रूदा, खाड़ा, चंगोरी, थनौद, पीसेगांव, महमरा, पुलगांव, कोसमी, मोहलई, नगपुरा, मालूद, बेलौदी, पीपरछेड़ी, झेंझरी, हटगांव, गनियारी, सहगांव पर जिला प्रशासन अपनी नजर बनाई हुई है। वहीं, राजनांदगांव जिले के मोंगरा बैराज से पिछले दिनों 40 हजार क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा गया था। आज फिर 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रही है। बारिश से तांदुला जलाशय में 40 प्रतिशत, खरखरा जलाशय में 43 प्रतिशत, खपरी जलाशय में 42 प्रतिशत और गोंदली जलाशय में 22 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।
जिले में तहसीलवार बारिश के आंकड़े
जिले में अब तक 254.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार अब तक सबसे से अधिक वर्षा 444.5 मिमी पाटन में और सबसे कम 164.4 मिमी बोरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा दुर्ग में 223.7 मिमी, धमधा में 188.2 मिमी, भिलाई 3 में 220.2 मिमी और अहिवारा में 282.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय