मनेंद्रगढ़/एमसीबी
जिले में पीएचई विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। विभाग ने टंकी बनाने स्कूल में गड्ढा खोदा, लेकिन इस गड्ढे को खुला ही छोड़ दिया। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए यह गड्ढा जान का खतरा बन गया है।छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले के बौरीडांड के आश्रित गांव चुकतीपानी में स्थित प्राथमिक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा खतरे में हैं। लगभग 20 बच्चों के इस स्कूल में जल जीवन मिशन के तहत खोदे गए गड्ढे ने बच्चों की जान को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
स्कूल के प्रधान अध्यापक सुरेश मिश्रा ने बताया कि स्कूल में पीएचई विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन के टंकी निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया। लेकिन कई दिन बीतने के बाद ना टंकी बनी ना ही गड्ढा भरा गया। बीते कुछ दिनों की लगातार बारिश के बाद इस गड्ढे में पानी भर गया है। जिससे ये गड्ढा अब बच्चों के लिए जान का खतरा बन गया है।
टॉयलेट के पास है खुला गड्ढा स्कूल में मौजूद इसी गड्ढे के पास छात्रों के लिए टॉयलेट बनाया गया है। जिससे बच्चे इसी गड्ढे के पास से होकर गुजरते हैं। इससे बच्चों की जान को खतरा रहता है। फिलहाल स्कूल स्टाफ ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अपने स्तर पर गड्डे के आसपास बांस का घेरा किया हुआ है।
पीएचई विभाग के ईई एसएस पैकरा से जब स्कूल में बने गड्ढे और उसे खुला छोड़ने के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब भी बड़ा हैरान करने वाला मिला। पैकरा ने कहा मीडिया के जरिए उन्हें टंकी खुला रखने के बारे में पता चला है। हालांकि उन्होंने गड्डे को जल्द भरवाने का दावा किया।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय