कबीरधाम.
छत्तीसगढ़ सरकार आवारा मवेशियों को लेकर गौ-अभयारण्य प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। प्रदेश के सड़कों में दिखने वाले इन मवेशियों को गौ-अभयारण्य में रखा जाएगा। आज बुधवार को कबीरधाम जिले के दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जो मवेशी सड़कों पर बैठे रहे, जिन्हे कोई नहीं रखता, ऐसे मवेशियों को गौ-अभयारण्य में सुरक्षित रखा जाएगा।
इन मवेशियों के गोबर से खाद का उत्पादन होगा। इसके लिए एजेंसी तय की जा रहीं है। मेरा मानना है कि गौ-अभयारण्य में छोटे-छोटे बच्चे गाय के साथ खेलने के लिए आएंगे। डिप्टी सीएम ने बताया कि कबीरधाम जिले के ग्राम पचराही में 2018 से पहले भाजपा शासन काल के दौरान करीब 60 एकड़ भूमि में गौ-अभयारण्य बनाने की घोषणा की गई। इसी जगह में गौ-अभयारण्य बनाया जाएगा। इसी प्रकार बेमेतरा जिले में भी गौ-अभयारण्य का काम चल रहा है। इन दोनों जगह में निर्माण कार्य लगभग समाप्ति की ओर है। बता दे कि प्रदेश में सड़कों पर खुले में घूमने वाले आवारा गौवंशों की सुरक्षा और इनसे जुड़े हादसों पर रोक लगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इसी माह कांग्रेस ने किया था गौ-सत्याग्रह
प्रदेश में गौ वंश को लेकर खुब राजनीति होती है। दरअसल, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पूरे प्रदेश में हजारों की संख्या में गौठान बनाया। लेकिन, इस प्रोजेक्ट की स्थिति खराब रहीं है। तब भाजपा विपक्ष में थी। ऐसे में गोबर घोटाला समेत इस प्रोजेक्ट को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब भाजपा की सरकार आ गई है। ऐसे में कांग्रेस ने गौ-वंश को लेकर लड़ाई शुरू कर दी है। इसी माह कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में गौ-सत्याग्रह किया था। विरोध स्वरूप में गाय को लेकर एसडीएम व कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मवेशियों के संरक्षण की मांग की थी।

More Stories
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने किया 153 घातक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना, हरेली तिहार के आयोजन में बोले सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा : बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय